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इसकी तह में जाएं: ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल, डायबीटीज़ को नियंत्रित करना

स्वस्थ दिल के लिए स्वस्थ आहार


Plate Method


खाए जाने वाले नमक को नियंत्रित करें

  • ऐसे चाट मसालों से बचें जिनमें “सॉल्ट” अथवा “सोडियम” शब्द इस्तेमाल होता हो। इसके उदाहरण हैं गार्लिक साल्ट, सेलेरी साल्ट, सी सॉल्ट, और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG)।
  • नमक वाले सॉस लेने से बचें जैसे केचअप, चिली सॉस, सोया सॉस और कुछ चटनियां जिनमें नमक अधिक होता है।
  • अपने खाने को बूटियों और मसालों से स्वादिष्ट बनाएं जैसे कि अजमोद, अजवायन, तेजपत्ता, ताजी लहसुन या लहसुन पाउडर, ताजी प्याज या प्याज का पाउडर, अदरक, हल्दी, टेरागन, जीरा, लाल मिर्च, नीबू और सिरका।
  • डिब्बाबंद सब्जियों से पानी को निकालकर खंगाल लें क्योंकि इनमें नमक होता है।
  • जमाए हुए और प्रोसेस किए गए खाद्यों, तथा फास्ट-फूड रेस्तरां के खानों को सीमित करें क्योंकि इन सभी में नमक अधिक होता है। समय के साथ, आपकी स्वाद कलियां बिना नमक मिले भोजनों के कुदरती स्वाद के अनुरूप ढल जाएंगी।

खाई जाने वाली चर्बी या वसा को नियंत्रित करें

  • कम चर्बी वाले भोजन चुनें।
  • अधिक चर्बी वाले फ्राई किए भोजन, समोसे, पकोड़े, मिठाई, कुकी, चिप्स तथा पेस्ट्री की मात्रा सीमित करें।
  • सैचुरेटेड फैट (संतृप्त वसा), जैसे कि जंतु वसा को सीमित करें। अधिकांश सैचुरेटेड फैट सामान्य तापमान पर ठोस अवस्था में रहते हैं, जैसे बटर, घी और चिकन की खाल।
  • सॉस वाले पकवान बनाने में हल्की क्रीम चुनें (5% मिल्क फैट वाली) अथवा कम फैट वाला दूध (मलाई निकाला हुआ अथवा 1%मिल्क फैट वाला दूध)।
  • प्रोसेस किए गए खाद्यों और शॉर्टनिंग में पाए जाने वाले ट्रांस फैट से बचें।
  • घी या तेल में फ्राई करने के बजाए, अधिक स्वास्थ्यप्रद पाक विधियों का इस्तेमाल करें जैसे कि उबालना, सेंकना, पानी में पकाना (पोचिंग) और ब्रेजिंग।

खाया जाने वाला कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करें

कोलेस्ट्रोल के स्रोत वाले खाद्यों की मात्रा सीमित करें, जैसे कि अंडे का पीला भाग, कलेजी, तथा झींगा।

प्रचुर मात्रा में फाइबर (रेशे) लें

फाइबर एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो शरीर में पच नहीं पाता। फाइबर दो प्रकार के होते हैं, अघुलनशील और घुलनशील अघुलनशील फाइबर स्पंज की तरह काम करते हैं। जब भोजन आंतों से होकर गुजरता है तो वह पानी सोखता जाता है जिससे मल बाहर निकलने में आसानी रहती है एवं कब्ज से राहत मिलती है। गेहूं के चोकर और चोकरयुक्त अनाजों में बहुत सारा अघुलनशील फाइबर होता है। यही बात बहुत से फलों और सब्जियों के छिलकों पर भी लागू होती है। बीजों में भी प्रचुर मात्रा में अघुलनशील फाइबर होता है। कोई खाद्य पदार्थ पिसाई, छिलका उतारकर, उबालकर अथवा निष्कर्षण करके कोई खाद्य पदार्थ जितना अधिक प्रोसेस किया जाता है उसमें उतना ही कम फाइबर होता है। अघुलनशील फाइबर प्राप्त करने के लिए, अधिक मात्रा में अपरिष्कृत भोजन खाएं।

घुलनशील फाइबर जब पाचन क्षेत्र से गुजरता है तो टूटकर जैल बनाता है। यह जैल उच्च कोलेस्ट्रोल से संबंधित कुछ पदार्थों को “पकड़” लेता है। रक्त प्रवाह में कोलेस्ट्रोल के अवशोषण की मात्रा कम करके, घुलनशील फाइबर दिल के रोग का ख़तरा कम कर सकता है। घुलनशील फाइबर में पेक्टिन शामिल है जिसका उपयोग जैली और ग्वार गम जैसे गोंदों को बनाने में किया जाता है। यह जई, मटर, बीन्स, मसूर दाल, कुछ बीजों, ब्राउन राइस, जौ, फलों (जैसे सेब), कुछ हरी सब्जियों (जैसे ब्राकली या हरी फूलगोभी), तथा आलू में पाया जाता है।

सब्जियों और फलों को चुनना

  • विभिन्न पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए अनेक प्रकार के रंगों को चुनें।
  • यदि आपके लिए संभव हो तो ताजे अथवा जमाए हुए फल और सब्जियां चुनें।
  • चीनी के घोल में पैक किए गए फलों से बचें।
  • चीनी के घोल और बने बनाए सॉस के साथ पैकेज की गई सब्जियों से बचें।

अनाज और स्टार्च चुनना

  • ऐसे अनाज और स्टार्च चुनें जिनका ग्लाइसीमिक सूचकांक कम हो।
  • ऐसे अनाज और स्टार्च चुनें जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो।
  • छिलकायुक्त अनाज की रोटी, चपाती, अनाज, ब्राउन बासमती चावल, ब्राउन लंबे दाने वाला चावल और जौ का चुनाव करें।
  • पॉलिश किए हुए अथवा व्हाइट राइस के बजाए ब्राउन बासमती चावल तथा लंबे दाने वाला चावल चुनें।

दूध, दूध के उत्पाद और उसके विकल्पों को चुनना

  • कम वसा वाला दूध चुनें, जैसे कि स्किम मिल्क या 1% मिल्क।
  • कम वसा वाला योगर्ट, चीज़ और पनीर चुनें।
  • कम वसा वाले विकल्पों में सोया मिल्क और चावल से बने उत्पाद शामिल हैं।

मांस और उसके विकल्पों को चुनना

  • प्रति सप्ताह कम से कम 2 बार भोजन में मछली लें।
  • ज़्यादा बार पौधों पर प्रोटीन लें, जैसे कि टोफू, मसूर की दाल, बीन्स और अन्य दालें तथा फलियां।
  • बिना चर्बी वाला मांस चुनें। मांस से चर्बी हटा दें। चिकन से खाल हटा दें।
  • कम वसा वाला चीज़ और पनीर चुनें जिसमें 20% से भी कम मिल्क फैट यानी दुग्ध वसा हो।