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मूल बातें: स्वस्थ खानपान, डायबीटीज़़ रोकथाम और नियंत्रण के बारे में उपयोगी सलाह

डायबीटीज़़ तब होती है जब आपका शरीर ऊर्जा के लिए भोजन का ठीक से उपयोग और भंडारण नहीं कर पाता। आपके शरीर को जिस ईंधन की आवश्यकता होती है उसे ग्लूकोस कहते हैं, जो शर्करा या चीनी का एक प्रकार है। ग्लूकोस हमें कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्यों से मिलता है जैसे फ़ल, दूध, स्टार्च वाले खाद्य, चीनी तथा कुछ सब्जि़यां। डायबीटीज़़ होने पर, रक्त में ग्लूकोस की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है।

डायबीटीज़़ के अलग-अलग प्रकार हैं। यह चार्ट दिखाता है कि ब्लड ग्लूकोस (या ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने के लिए उन्हें कैसे प्रबंधित किया जाता है।

डायबीटीज़़ का प्रकार डायबीटीज़़ का यह प्रकार कैसे नियंत्रित किया जाता है

डायबीटीज़़ का प्रकार डायबीटीज़़ का यह प्रकार कैसे नियंत्रित किया जाता है
टाइप 1 डायबीटीज़़


इसमें पाचक ग्रन्थि ग्लूकोस नहीं बनाती। ग्लूकोस आपके शरीर द्वारा ऊर्जा के रूप में उपयोग न होकर रक्त में जमा हो जाता है।
  • स्वस्थ खानपान
  • इंसुलिन
  • शारीरिक सक्रियता
टाइप 2 डायबीटीज़़


इसमें या तो पाचक ग्रन्थि पर्याप्त ग्लूकोस नहीं बनाती, या फिर वह जो ग्लूकोस बनाती है आपका शरीर उसका सही उपयोग नहीं कर पाता है।
  • स्वस्थ खानपान
  • शारीरिक सक्रियता
  • गोलियां अथवा इंसुलिन (कुछ मामलों में दोनों)
प्री-डायबीटीज़़


इसमें ब्लड ग्लूकोस के स्तर सामान्य से ऊंचे होते हैं, लेकिन अभी इतने ऊंचे नहीं होते कि उनका निदान टाइप 2 के रूप में किया जा सके।
  • स्वस्थ खानपान
  • शारीरिक सक्रियता
गर्भकालीन डायबीटीज़़


इसमें हाई ब्लड ग्लूकोस गर्भावस्था के दौरान आरंभ होता है या उस समय यह सबसे पहले नज़र में आता है।
  • स्वस्थ खानपान
  • शारीरिक सक्रियता
  • इंसुलिन का प्रयोग किया जा सकता है